समाज का मतलब ही एकता है। एक से समाज का निर्माण नहीं होता है। एक समूह से समाज बनता है जैसे हमारे एक हाथ में पांच उंगलिया होती है। हरेक ऊँगली का अपना एक काम होता है, जब पांचो उंगलिया एक साथ बंधते है, तब उसका एकता और ताकत दिखाता है। हमारे समाज में, एक आदमी अकेले बड़ी समस्या का सामना नहीं कर सकता है। इसके लिए समूह बनाकर समस्या को आसानी से खत्म कर सकते है। वे अपनी हर सामाजिक समस्याओं दूर कर सकते हैं। जिससे समाज के सभी व्यक्ति को लाभ मिल सकता है। Saturday, April 10, 2010
एकता हमारे समाज को मजबूत बनाता है।
समाज का मतलब ही एकता है। एक से समाज का निर्माण नहीं होता है। एक समूह से समाज बनता है जैसे हमारे एक हाथ में पांच उंगलिया होती है। हरेक ऊँगली का अपना एक काम होता है, जब पांचो उंगलिया एक साथ बंधते है, तब उसका एकता और ताकत दिखाता है। हमारे समाज में, एक आदमी अकेले बड़ी समस्या का सामना नहीं कर सकता है। इसके लिए समूह बनाकर समस्या को आसानी से खत्म कर सकते है। वे अपनी हर सामाजिक समस्याओं दूर कर सकते हैं। जिससे समाज के सभी व्यक्ति को लाभ मिल सकता है। Saturday, March 27, 2010
क्या हमलोग अच्छे समाज में रहते हैं ?
हमलोग एक अच्छे समाज में रहते हैं। एक साथ मिलकर सामाजिक काम करते हैं तथा मुश्किल समय मे एक-दुसरे की मदद के लिए हाथ भी बढ़ाते हैं और समाज के विकास के बारे में सोचते है। लेकिन जब कोई चुनाव सामने आता है तो हमारा समाज अनेक जातियों में बंट जाता है। इसी कारण हमारे समाज तथा उसके विकास पर काफी असर पड़ता है। ये काम हमलोग मिलकर करते हैं। इसमें किसी उम्मीदवार या पार्टी की कोई गलती नहीं होती है। ये हमारी गलती है। इसका असर हमारे बच्चों के भविष्य पर भी पड़ता है। आप एक उम्मीदवार का चुनाव कर रहें है किसी जाति का नहीं।राजनीती करनी चाहिए लेकिन इसके द्वारा सामाजिक अलगाव नहीं होनी चाहिए। ये समय सामाजिक एकता बनाने के लिए है और इसके सहारे सामाजिक समस्याओं तथा इसके विकास में कुछ सुधार आने की संभावना है। ये हमारा समाज है। जिसमें हमलोग साथ-साथ रहते हैं।
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